Sunday, May 26, 2024

दिल मे हमरा अरमान बहुत बा

दिल मे हमरा अरमान बहुत बा,
जेके देखीं परेशान बहुत बा

साँच बोलब त फटकार मिली,
झूठ कहीं, इनाम बहुत बा

अपना दुख पर मत रोईं,
घर घर मे अखबार बहुत बा

चाँद तारा मुट्ठी मे आ गइल,
शहर हमार हैरान बहुत बा

भोर मे सुरूज़ फेरु निकली,
‘भावुक’ के विश्वास बहुत बा

टटका टटका

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