Sunday, April 21, 2024

चार दिन के रिमांड पर केजरीवाल, 1 अप्रैल तक ईडी के कस्टडी में

दिल्ली के कथित शराब नीति घोटाला में गिरफ्तार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ईडी रिमांड चार दिन खातिर बढ़ा दिहल गइल बा. अब उ एक अप्रैल तक ईडी रिमांड में रहीहे। एकरा से पहिले ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) कोर्ट से केजरीवाल के रिमांड के सात दिन...

बिना गारंटी 3 लाख का लोन- ऐसे करें पीएम विश्वकर्मा योजना मे अप्लाई

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने 73...

खाकी – द बिहार चेप्टर से भोजपुरिया कनेक्शन

खाकी द बिहार चेप्टर नाम के एगो वेबसीरीज़ तहलका...

करके देखीं रउओ मंथन – ओमप्रकाश पंडित ‘ओम’

इस कविता में जीवन के गहरे बंधन और मुश्किलें व्यक्त की गई हैं। आत्म-विश्लेषण करे बिना इंसान को कुछ नहीं मिलता, और अहंकार से वह अलग-थलग पड़ जाता है। आपसी भेदभाव से समाज बंटता है, पर जो भ्रम से परे हो उसे कोई नहीं हरा सकता। इंसान को मानवता से प्रेम करना चाहिए।

रसे-रसे महुवा फुलाइल हो रामा उनुका से कहि दऽ – डॉ अशोक द्विवेदी

‘साहित्य श्री’ (कन्हैयालाल प्राग्दास हिन्दी संस्थान, लखनऊ) 1994,‘भोजपुरी-शिरोमणी’,(अखिल भारतीय भोजपुरी परिषद, उ॰प्र॰), ‘राहुल सांस्कृत्यायन पुरस्कार, 1998 (हिन्दी संस्थान, उ॰प्र॰),‘लोकपुरुष’ (विश्व भोजपुरी सम्मेलन एवं स्वदेशी मंच, वाराणसी),‘भिखारी ठाकुर स्मृति सम्मान (भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इण्डिया एवं सन्डे इन्डियन, नई दिल्ली)आदि कई संस्थानों से सम्मानित। भोजपुरी दिशा बोध की पत्रिका पाती का वर्ष 1979 से निरंतर प्रकाशन और संपादन।

घर से लेके बहरा तक हम धावत रह गइनी – नूरैन अन्सारी

साख आपन ज़िनगी भर बचावत रह गइनी, कुछ बेमतलब के...

बाकिर हर केहु रउआ खानि उदास नइखे – नूरैन अंसारी

अरे दुःख ये दुनिया में केकरा पास नइखे. बाकिर हर...