Saturday, May 25, 2024

नईखे जिनगी के रहियाँ आसान भाई जी

नूरैन अंसारी भोजपुरी और हिन्दी के चर्चित कवि/लेखक हैं

नईखे जिनगी के रहियाँ आसान भाई जी
मिलीं जेक़रा से बा , उ परेशान भाई जी

दुखऽ , मुसीबत ना घर से ओराला
तनी-तनी बतिया पे अँखियाँ लोराला
चिंता धईले बा साझों बिहान भाई जी
नईखे जिनगी के रहियाँ आसान भाई जी

हर समय संगे कहाँ चले ला लोगवा
हवा के रोख देखीं, बदलेला लोगवा
राखी अपने से आपन , ध्यान भाई जी
नईखे जिनगी के रहियाँ आसान भाई जी

माटी के देहिया ह ,मटिए में जाईं
जहीया आई बुलावा त सब छूट जाईं
उड़ जाईं , पिज़रवे में प्राण भाई जी
नईखे जिनगी के रहियाँ आसान भाई जी

टटका टटका

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